जनसँख्या नियंत्रण कानून के लिए भारत बचाओ महारथ यात्रा के आगामी कार्यक्रम....           जनसँख्या नियंत्रण कानून के लिए भारत बचाओ महारथ यात्रा के तत्वाधान में विशाल जनसभा दिनांक : 18 फरवरी 2018 रविवार - ब्राम्हण सभा परेड ग्राउंड जम्मू शहर समय 10 बजे से सम्पर्क 9419109424, 9540391838            दिनांक : 18 फरवरी 2018 रविवार स्थान : दुर्गियाना मंदिर अमृतसर पंजाब समय 8 बजे शाम सम्पर्क 9888799688       चीजे खुद नहीं होती है, उन्हें करना पड़ता है .....
Sudarshan Rastra Nirman

देश को बचाने का अंतिम प्रयास

राष्ट्र निर्माण संगठन

द्वारा आयोजित

   

                 भारत बचाओ यात्रा                   

      “हम दो, हमारे दो तो सबके दो”

खतरनाक रूप से बढ़ती जनसंख्या के कारण देश की एकता, अखंडता, सम्प्रभुता तथा लोगों की  धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों पर आसन्न खतरे को देखते हुए इस समय देश जनसंख्या नियंत्रण हेतु एक कठोर कानून के निर्माण की गहन आवश्यकता महसूस की जा रही है। राष्ट्र निर्माण संगठन ने इस हेतु जन जागरण कर सरकार द्वारा  जनसंख्या नियंत्रण कानून के निर्माण के लिए राष्ट्रव्यापी 'भारत बचाओ यात्रा ' के आयोजन का निर्णय किया है। यह यात्रा 18 फरवरी 2018 को जम्मू से शुरू होगी और देश के सभी प्रमुख राज्यों से गुजरती हुई 20 हज़ार किलोमीटर की दूरी तय कर 22 अप्रैल 2018 को दिल्ली में सम्पन्न होगी।


जनसंख्या वृद्धि दर का खतरनाक स्वरुप-


भारत की अत्यंत तेजी से बढ़ रही जनसंख्या आज एक विकराल स्वरुप धारण कर चुकी है।
आज़ादी के पहले 1941  की जनगणना में अखंड भारत की आबादी लगभ 32  करोड़ थी जो आज़ादी के बाद विभाजन के बावजूद साढ़े चार करोड़ बढ़ कर 36.10  करोड़ हो गई। हर दशक में 20% की वृद्धि के साथ 50 वर्षों में देश की जनसंख्या साढ़े तीन गुनी बढ़कर 1911 में 121  करोड़ हो गई। इसी तरह यह जनसंख्या बढ़ती रही तो 2021 में हमारी आबादी 133 करोड़ और 2026 में 140 करोड़ हो जाएगी और हम जल्द ही चीन की जनसंख्या को पार कर जाएंगे।        
                                                 देश की जनसंख्या वृद्धि की इस बेलगाम दर का कारण सिर्फ जन्म दर में वृद्धि ही नहीं है बल्कि बांग्लादेश और म्यांमार से संगठित और अवैध रूप से घुसपैठ कर भारत में रह रहे घुसपैठियों की एक बड़ी संख्या भी है। एक आंकड़े के अनुसार 5 करोड़ से भी ज्यादा  अवैध घुसपैठिये इस समय देश के अलग अलग राज्यों में रह रहे हैं। इस अवैध घुसपैठ के कारण  पश्चिम बंगाल, असम और केरल जैसे राज्यों का जनसांख्यिकीय अनुपात असंतुलित हो गया है। कई राज्यों में बहुसंख्यक आबादी अल्पसंख्यक हो गई है। हमारी सांस्कृतिक पहचान का स्वरूप विकृत हो  रहा है।

जनसंख्या वृद्धि हमारे पिछड़ेपन का सबसे बड़ा कारण-


जनसंख्या की यह असमान और अनियंत्रित वृद्धि भारत के विकास के मार्ग में  बहुत बड़ा अवरोधक है। लगातार कोशिशों के बावजूद मानव विकास सूचकांक में भारत अभी भी श्रीलंका और मालदीव जैसे छोटे देशों से भी नीचले स्तर पर 131 वें स्थान पर है। उभरती अर्थव्यवस्था के मामले में 74 देशों में 62 वें स्थान पर, स्वास्थ्य सूचकांक के मामले में 195 देशों में 154 वें स्थान पर और  शिक्षा सूचकांक में 145 देशों में 92 वें स्थान पर नेपाल, युगांडा और माले जैसे छोटे देशों से भी नीचे है। जनसंख्या की यह वृद्धि दर भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, आर्थिक विषमता, अशिक्षा, कुपोषण जैसी गंभीर समस्याओं की जननी है। आबादी की बढ़ती यह दर कभी भी भारत को विकसित देशों की श्रेणी में नहीं आने देगी। देश का समग्र विकास नहीं हो पायेगा।

जनसंख्या नियंत्रण कानून जरूरी क्यों ?-


जनसंख्या नियंत्रण  के लिए पूर्व की सरकारों ने भी 'हम दो हमारे दो' के नारे के साथ अभियान की शुरुआत की थी लेकिन इसके कार्यान्वयन में कठोरता और स्पष्टता के अभाव के कारण अभी तक इसका कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं  आ पाया है। आज हम जनसंख्या के ऐसे खतरनाक स्तर पर पहुँच चुके हैं जहाँ अगर समय रहते इस पर अंकुश के लिए कठोर क़ानून  बनाकर इसे  लागू नहीं किया गया तो देश की अखंडता और सम्प्रभुता खतरे में पड़  जाएगी और आने वाली पीढ़ियां हमें माफ़ नहीं करेंगी। जनसंख्या नियंत्रण के लिए अब 'हम दो हमारे दो' के नारे की जगह ' हम दो, हमारे दो तो सबके दो' कहने और इसे अम्ल में लाने का वक़्त आ गया है। याद रखें जनसंख्या नियंत्रण कानून के निर्माण के लिए और देश व धर्म  की रक्षा के लिए यह हमारी आखिरी लड़ाई है। अगर हम अभी इस कानून
को नहीं बनवा पाए तो शायद फिर कभी नहीं बनवा पाएंगे। इस कानून के निर्माण हेतु  आपसे अधिकतम सहयोग अपेक्षित है।

 आपने जितने समय में इस विज्ञप्ति  को पढ़ा उतने समय में २५० से ज्यादा बच्चों ने जन्म ले लिया।

सूचनार्थ और प्रकाशनार्थ प्रेषित 

मीडिया प्रभारी ,

भारत बचाओ यात्रा ,

राष्ट्र निर्माण संगठन